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बचपन की अज्ञानता

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  बच्चे का आत्मज्ञान.. चार वर्ष का बालक बोला, मेरे पापा बड़े महान। छ: वर्ष तक आते आते, मेरे पापा को सब ज्ञान।। दस वर्ष का होते ही, पापा अच्छे हैं पर गुस्से बाले। बारह वर्ष का होते ही, करना आता व्यवहार नहीं।। सोलह वर्ष के होते ही पापा को कुछ भी ज्ञान नहीं। जब अट्ठारह के हुए तो, पापा चिड़चिड़े लगने लगे।। बीस वर्ष तक पहुचते हीं, पापा के साथ नहीं बनती है । पता नही ऎसे पापा के साथ, मम्मी कैसे रहती है।। पच्चीसी लगते-लगते हर बेटे को, बाप विरोधी लगता है। पापा को छोड़ कर हर कोई हमको समझता है ।। पर तीसी जैसे लगती है, बाप हम भी बन जाते हैं ।  पापा ने हमको कैसे पाला, पल भर में समझ जाते हैं।। 40 का होते ही, पापा ने कितने अनुशासन में पाला था। हमने उन्हें समझा हीं नही, ये सारा दोष हमारा था ।।  पचास तक जाते - जाते, हम इस आश्चर्य में पड़ जाते हैं। बड़ी मुश्किलों से हम पाँचों को पाला, हम एक पाल न पाते हैं।। पचपन के जब होने लगे तो, उनकी दूर दृष्टि नजर आई। बचपन में पास की नजर खराब थी, यह समझ आई।। साठ वर्ष के होने को जब आये, पिता लगने लगा महान।  ख़्याल हमारा सदा रखते थे, छिड़कते थे हम पर...

प्रजातंत्र का अर्थहीन सत्य !

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प्रजातंत्र का अर्थहीन सत्य ! प्रजातंत्र के नाम पर गरीब, भूखे, लाचार, मासूम , Corona से पीड़ित जनता को बेवकूफ/मुर्ख/उल्लू बना कर उनसे ही tax वसूल कर, राष्ट्र  की मूल्यवान संपदा को बेच कर अर्जित पैसों से उनपर राज करना (राजा की तरह करोड़ों की car/Plane और आलीशान महलों में रहते हुए) और एशोआराम से जीवन यापन करना..  बहुत ही शर्मनाक सोच जो फ्रांस की तरह देश को एक बहुत बड़ी क्रांति की ओर ले जा रहा है जिसका परिणाम सारे पथभ्रष्ट नेताओं को पता ही होगा... 🙏🌷🌺💐🌹🌸🙏     जिंदगी एक सफ़र... जिंदगी एक नोटबुक की तरह जिसके .. 1st Page (जन्म) ... और  Last Page(मृत्यु) ... ईश्वर के द्वारा लिखी जाती है और बाकी पन्ने हमखुद लिखते हैं...., अतः यह हमपर निर्भर करता है कि हमलोग उसमें कैसे (गंदा या अच्छा) और क्या लिखें !......... अच्छे कर्म करते जाएं और जीवन को सुनहरे पल में बदलते हुए नई पीढ़ी के लिए मार्ग दर्शक बने... वर्तमान प्रजातंत्र एक मिथ्या .. माननीय के भ्रष्टाचाररोधी वक्तव्य सुन कर बहुत ही प्रसन्नता होती है लेकिन कभी भी किसी सरकार ने इसपर action नहीं लिया ?  क्योंकी सभी ए...

वाणी की शुद्धता और राजनितिक मंथन

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राजनितिक सुविचार की शुरुआत हमलोग उसकी आत्मा से करेगें, जो है मीठी वाणी...... 🙏🙏🌹💐🥀🙏🙏 सभी जीव मीठे वचनों से आनंदित होते है..., सभी को मीठे शब्‍द अच्‍छे लगते हैं और अपनी ओर खींचते हैं...., इसीलिए हमें सभी लोगों से मीठे वचनों का ही प्रयोग करना चाहिए .... मीठी वाणी आपके जीवन को एक नए युग में ले जायेगा ... भारत में स्टालिन(Russia) के पुनः उदय की संभावनाएं. ... भारत में जिस तरह से सत्ता का द्रुपयोग(अमीर लोगों के समर्थन में) शुरू हो चूका है और आने वाले दिनों में ऐसी संभावना बनती दिख रही है की पुनः और एक स्टालिन का उदय भारत में न हो जाय जिसने लगभग अपने सारे सभी साथी politician की हत्या करने के साथ - साथ किसी भी अमीर के पास कोई संपत्ति नहीं छोड़ी, उसने सभी संपतियों पर कब्जा कर के उसे राष्ट के नाम कर दिया.......... अतः सभी लोगों से विनम्र निवेदन है की संपत्ति इकट्ठा करना छोड़ कर ज्यादा से ज्यादा आम लोगों के भलाई में ध्यान दे....... अन्यथा....  कब क्या होगा और सारा जीवन व्यर्थ लगने लगेगा...                           भ्रम...